જ્યારે મન પામ્યું નિજભાન
ત્યારે સર્વ થયું સમાન;
“When the mind its true self knew,Then all became one, equal and new.”
— अखा भगत
अर्थ
जब मन ने अपनी आत्म-पहचान प्राप्त की, तब सब कुछ समान हो गया।
विस्तार
यह प्यारा दोहा आंतरिक जागरण के एक गहरे पल को दर्शाता है। यह कहता है, 'जब मन अपनी सच्ची प्रकृति को पहचान लेता है, तब सब कुछ समान हो जाता है।' इसका अर्थ है कि जब हम अपने अहंकार से ऊपर उठकर हर अस्तित्व से अपने अंतर्निहित संबंध को समझते हैं, तो हमारे द्वारा किए गए भेद – अच्छे-बुरे, अमीर-गरीब, दोस्त-दुश्मन के बीच – मिटने लगते हैं। हम हर चीज़ और हर व्यक्ति में मौलिक एकता और समानता देखते हैं। यह गहन ज्ञान और शांति की स्थिति है, जहाँ निर्णय फीके पड़ जाते हैं, और सार्वभौमिक एकात्मता की भावना प्रबल होती है।
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