Sukhan AI
છતો ધણી છે વાણીરહિત
છતો ધણી છે શબ્દાતીત;

Yet the Master is without speech,Yet the Master is beyond all words;

अखा भगत
अर्थ

फिर भी स्वामी वाणी से रहित है, फिर भी स्वामी सभी शब्दों से परे है।

विस्तार

यह दोहा हमें बताता है कि ईश्वर, या हमारे प्रभु, हर जगह मौजूद हैं। वे हमारे आसपास ही हैं। फिर भी, उनकी उपस्थिति को हम अपनी आम बोलचाल या शब्दों से पूरी तरह समझ नहीं सकते। दोहा कहता है कि प्रभु 'वाणी रहित' और 'शब्दातीत' हैं। इसका अर्थ है कि परम सत्य और ईश्वर का वर्णन करने में हमारी भाषाएँ और शब्द अपर्याप्त हैं। यह हमें सिखाता है कि ईश्वर को केवल शब्दों या शास्त्रों में ही नहीं, बल्कि उन अनुभवों में भी खोजना चाहिए जो भाषा से परे हैं, एक ऐसे सार को पहचानना चाहिए जिसे बोला नहीं जा सकता बल्कि महसूस किया जा सकता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.