ઓળખ્યા ચોર ને સાવચેત થયા
વળતા તે તો કૂ શળ રહ્યા;
“The thief they knew, and grew alert;Thereafter, they remained unharmed, unhurt.”
— अखा भगत
अर्थ
उन्होंने चोर को पहचान लिया और सतर्क हो गए; परिणामस्वरूप वे सुरक्षित रहे।
विस्तार
यह दोहा खतरे को पहचानने की बुद्धिमत्ता के बारे में बताता है। यह हमें सिखाता है कि एक बार जब हम किसी 'चोर' को पहचान लेते हैं – जो हमारे जीवन में कोई भी चुनौती, खतरा या हानिकारक तत्व हो सकता है – तो हम सतर्क हो जाते हैं। जागरूकता और उसके बाद की सावधानी का यह कार्य महत्वपूर्ण है। सतर्क रहकर और आवश्यक सावधानी बरतकर, हम अपनी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करते हैं। यह एक सरल लेकिन गहरा अनुस्मारक है कि दूरदर्शिता और तैयारी कठिनाइयों से निपटने और नुकसान से बचने की कुंजी हैं।
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