इस तेरी गली से उठ जाना सच में नहीं मुश्किल किंतु, तू सुनेगी तो क्या कहेगी! बस उसी विचार में खड़ा हूँ।
“To leave this lane of yours is truly not difficult, but what will you say when you hear? It's just that thought that keeps me standing.”
— अमृत घायल
अर्थ
कवि के लिए प्रेमिका की गली छोड़ कर जाना वास्तव में मुश्किल नहीं है, लेकिन उसे यह चिंता है कि जब प्रेमिका यह सुनेगी तो क्या कहेगी। बस इसी विचार से वह अभी तक वहाँ खड़ा है।
विस्तार
इस शेर में एक बहुत गहरा भावनात्मक द्वंद्व है। शायर कहते हैं कि इस गली से दूर जाना तो सच में आसान है, लेकिन असली डर क्या है? असली डर तो महबूबा की प्रतिक्रिया से है। वह क्या कहेगी? यह शेर बताता है कि कभी-कभी, भौतिक दूरी से ज़्यादा मुश्किल होता है, दिल की उलझन और किसी के नज़र का डर।
