आँसू आ चुके हैं, इन्हें पोंछो नहीं, भले हो तुम,वे बारहों मास हरे तोरण मुझे भाते हैं।
“Tears have come, do not wipe them away, please be kind,For those twelve-month green 'torans' are what I always like to find.”
— अमृत घायल
अर्थ
कवि कहता है कि आँसू आ गए हैं, उन्हें पोंछो नहीं, भले बनो, क्योंकि वे बारह मास हरे रहने वाले तोरण की तरह मुझे अच्छे लगते हैं।
विस्तार
यह शेर भावनाओं की गहराई और जीवन के अटूट सौंदर्य को बयां करता है। शायर महबूब से कह रहे हैं कि मेरे आँसुओं को मत पोंछना, क्योंकि ये आँसू ही मेरी सच्चाई हैं। 'बारहों मास हरे तोरण' का मतलब है कि जीवन का हर पल, हर महीना, अपने साथ एक नई उम्मीद और हरियाली लेकर आता है। यह शेर हमें सिखाता है कि गम के बीच भी, जीवन की खूबसूरती हमेशा मौजूद रहती है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
