मैं इसीलिए तो उसे ढोता रहता हूँ, सौगंध ज़िंदगी की, वलगन मुझे पसंद है।
“That is why I keep bearing it,By life's oath, this attachment I love.”
— अमृत घायल
अर्थ
मैं उसे इसीलिए ढोता रहता हूँ क्योंकि मुझे ज़िंदगी की क़सम है, यह लगाव मुझे पसंद है।
विस्तार
यह शेर वफ़ा और लगाव की गहराई को बयान करता है। शायर, अम्रुत घायल, कहते हैं कि वह किसी रिश्ते को सहारा देने या निभाने की कोशिश इसलिए करते हैं, क्योंकि उन्हें वह 'वलगन' यानी जुड़ाव पसंद है। यह एक खूबसूरत विरोधाभास है—यह प्रयास सिर्फ़ महबूब के लिए नहीं, बल्कि उस जुड़ाव के एहसास के लिए है जो ज़िंदगी में सुकून देता है।
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