Sukhan AI
ग़ज़ल

લિજ્જત છે

લઈજ્જત છે
अमृत घायल· Ghazal· 7 shers

यह ग़ज़ल स्त्री की गरिमा और सम्मान के महत्व को दर्शाती है। कवि ने बताया है कि एक महिला का सम्मान उसके चरित्र और व्यवहार में निहित होता है, जिसे बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

गाने लोड हो रहे हैं…
00
7
સારાનરસાનું ભાન નથી પણ એટલું જાણું છું ‘ઘાયલ’, જે આવે ગળામાં ઊલટથી એ ગાઈ જવામાં લિજ્જત છે.
भले-बुरे का भान नहीं पर इतना जानता हूँ ‘घायल’,जो आए कंठ में उमंग से, उसे गाने में लज़्ज़त है।
कवि 'घायल' कहते हैं कि उन्हें भले-बुरे का कोई भान नहीं है। परंतु वे इतना जानते हैं कि जो कुछ भी उमंग से उनके कंठ में आता है, उसे गाने में ही वास्तविक आनंद है।
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.