आँधियाँ बहाती हैं अश्क़ आज भी,भरयुवानी में डुबोया है मुझे
“Even today, the storms shed tears,They have drowned me in my prime youth.”
— अमृत घायल
अर्थ
आँधियाँ आज भी आँसू बहाती हैं, उन्होंने मुझे भरी जवानी में डुबो दिया है।
विस्तार
यह शेर इश्क़ के उस दर्द को बयान करता है जो कभी खत्म नहीं होता। शायर कहते हैं कि ये आँसू आज भी बह रहे हैं, जैसे कोई आँधी चल रही हो। और उस आँधी ने, महबूब की जवानी में, हमें इतना डुबो दिया है कि अब साँस लेना भी मुश्किल है। यह समर्पण और विरह का एक बहुत गहरा नज़ारा है।
