समड़ी समय की आड़ ले अंतरिक्ष की,चूंथ रही है विश्व का मन! रात तो देखो!
“The kite, taking cover of time and of space, Is plucking the world's mind! Just behold the night!”
— अमृत घायल
अर्थ
एक चील, समय और अंतरिक्ष की आड़ लेकर, दुनिया के मन को नोच रही है। ज़रा रात तो देखो!
विस्तार
यह शेर समय के अथाह बहाव और जीवन की विशालता पर एक गहरा विचार है। शायर कह रहे हैं कि दुनिया का मन.... किस चीज़ से छिप रहा है? वह समय की आड़ ले रहा है, और अंतरिक्ष की विशालता में खुद को खो रहा है। यह 'रात' सिर्फ अँधेरा नहीं है, बल्कि यह नियति का वह पहलू है.... जिसे हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। यह शेर हमें याद दिलाता है कि जीवन कितना भटकाव भरा है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
