बाग़ तो बाग़ सूर्य की भाँति,आग में पुरबहार जिया हूँ।
“A garden, yes, but like the sun,I've lived in full bloom amidst the flames.”
— अमृत घायल
अर्थ
मैं एक बाग की तरह जिया हूँ, सूरज की तरह चमकता हुआ। आग के बीच भी, मैंने पूरे यौवन के साथ जीवन का अनुभव किया है।
विस्तार
ये शेर ज़िन्दगी के सच को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि हमारी ज़िंदगी किसी ऐसे बाग़ की तरह है, जो सूरज की चमक से भी ज़्यादा रोशन है। और यह रौशनी... यह चमक, आग के बीच में भी आई है। मतलब, हमने ज़िंदगी के सबसे मुश्किल दौर को भी, एक खूबसूरत बहार की तरह जी लिया है!
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