ऊँचा उठाए कौन राह भूले को?आप-ही-आप ही ऊँचा उठा हूँ।
“Who lifts the one who's lost their path?I've lifted myself up, on my own.”
— अमृत घायल
अर्थ
रास्ता भूले हुए को कौन उठाता है? मैं अपने आप ही उठ गया हूँ।
विस्तार
यह शेर आत्म-निर्भरता और आंतरिक शक्ति का एक बहुत ही गहरा संदेश देता है। शायर कह रहे हैं कि जीवन में किसी बाहरी सहारे की ज़रूरत नहीं होती। आप अपने आप ही अपने रास्ते को रोशन कर सकते हैं, और खुद को ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। यह एक शानदार अहसास है कि हमारी सबसे बड़ी ताक़त हमेशा हमारे अंदर होती है।
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