“If the mind dies before its death, it cannot be expressed, If pain accomplishes its task, it cannot be expressed.”
यदि मन शारीरिक मृत्यु से पहले ही सांसारिक इच्छाओं से विरक्त हो जाए, तो उस स्थिति को व्यक्त नहीं किया जा सकता। इसी प्रकार, यदि गहरा दर्द अपना उद्देश्य पूरा कर ले और किसी महत्वपूर्ण परिवर्तन का कारण बने, तो उसके प्रभाव को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
यह शेर दर्द की उस सीमा को बताता है, जहाँ शब्दों का कोई काम नहीं। शायर कह रहे हैं कि जब वेदना अपने चरम पर पहुँच जाए, जब दिल को कोई चोट इतनी गहरी लगे कि वह मरण से पहले ही मर जाए... तो उस एहसास को बयान करना नामुमकिन है। यह दर्द की वह गहराई है, जिसे सिर्फ़ महसूस किया जा सकता है, कहा नहीं जा सकता।
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