आँख से अश्रु झर जाएं तो कहा नहीं जाता,धैर्य पर पानी फिर जाए तो कहा नहीं जाता।
“If tears from eyes should fall, it cannot be said,If patience should break down, it cannot be said.”
— अमृत घायल
अर्थ
यह दोहा बताता है कि जब आँखों से आँसू बह जाते हैं या धैर्य पूरी तरह से टूट जाता है, तो उस गहरी भावनात्मक स्थिति को शब्दों में व्यक्त करना असंभव हो जाता है।
विस्तार
यह शेर इंसान के दिल की नज़ुकियत को बयां करता है। शायर कहते हैं कि आँख से आँसू का बहना और धैर्य का टूटना, ये दोनों ही पल इतने अचानक होते हैं कि इन्हें पहले से बताना नामुमकिन है। यह एहसास कि हम कितने कमज़ोर हैं, बहुत गहराई से छूता है।
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