आँखें भोली, वदन भोला, अदाएँ भोली,
प्राण वो रूप हर ले तो कहा नहीं जाता।
“Innocent eyes, an innocent face, innocent ways, If that beauty steals the soul, it's not surprising.”
— अमृत घायल
अर्थ
भोली आँखें, भोला चेहरा और भोली अदाएँ हों, यदि ऐसा रूप प्राण हर ले तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं।
विस्तार
यह शेर उस नशीलेपन को बयां करता है जो मासूमियत और खूबसूरती में होता है। शायर कहते हैं कि भोली आँखें, भोला वदन और प्यारी अदाएं... ये सब मिलकर एक ऐसा जादू रचते हैं। लेकिन असली बात तो उस रूप की है जो प्राण हर ले, जिसे शब्दों में बयान करना नामुमकिन है। यह एक गहरे एहसास की बात है।
