नहीं थी खबर, ऐसे स्वर्ग में जाया नहीं जाता;
पहना था जो, उसी पहरण में मैं चढ़ गया!
“I did not know one cannot go to heaven like that; I ascended in the very same attire I was wearing!”
— अमृत घायल
अर्थ
मुझे ज्ञात न था कि स्वर्ग में ऐसे नहीं जाया जाता; मैं उसी वस्त्र में ऊपर चला गया जो मैंने पहना हुआ था।
विस्तार
यह शेर हमें ज़िंदगी की अनिश्चितता और नियति के सामने इंसान की बेबसी दिखाता है। शायर कह रहे हैं कि उन्हें यह खबर ही नहीं थी कि वह इस साधारण से पहनावे में स्वर्ग में जा पाएंगे। यह एक एहसास है कि जीवन में कभी-कभी हमें किसी तैयारी की ज़रूरत नहीं होती, बस वक़्त का इंतज़ार करना होता है।
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