यह तो है चीज़ हर मौसम की,नित्य लगे जो मौसमी, वह ग़ज़ल।
“It is a thing of all seasons,That which always feels in season, that is ghazal.”
— अमृत घायल
अर्थ
ग़ज़ल एक ऐसी रचना है जो हर मौसम से संबंधित है, फिर भी वह हमेशा वर्तमान और ताज़ा महसूस होती है, मानो हमेशा मौसम में हो।
विस्तार
ये शेर ग़ज़ल की अमरता को समझाता है। शायर कहते हैं कि ज़िंदगी में हर मौसम आता है, हर भावना आती है, लेकिन ग़ज़ल में एक ऐसा जादू है... कि वह हर हाल में, हर समय हमेशा ताज़ा लगती है। यह कला रूप समय की सीमाओं से परे है, इसीलिए इसे 'नित्य मौसमी' कहा गया है।
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