नजर में कैफियत अंतरव्यथा की लेकर आया हूँ;खुमारी गैरमामूली सुरा की लेकर आया हूँ।
“I have come, bearing the state of inner anguish in my gaze;I have come with an extraordinary intoxication of wine.”
— अमृत घायल
अर्थ
मैं अपनी नज़रों में अंदरूनी पीड़ा की कैफियत और गैर-मामूली शराब की खुमारी लेकर आया हूँ।
विस्तार
यह शेर दर्द और नशा... इन दो विपरीत भावनाओं के संगम को दर्शाता है। शायर कहते हैं कि वो अपनी नज़र में केवल दिल का दर्द नहीं लेकर आए हैं, बल्कि एक बहुत ही ख़ास, गैर-मामूली सुरा की खुमारी भी लाए हैं। यह एक गहरे दर्द का बयान है, जो इतना तीव्र है कि उसे भुलाने के लिए सिर्फ़ एक नशा ही काफ़ी है। कितना गहरा है ये एहसास!
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