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ग़ज़ल

ચોટ ગોઝારી

چوٹ گوزیری
अमृत घायल· Ghazal· 9 shers

यह ग़ज़ल 'चोट गोज़ारी' एक भावनात्मक रचना है जो बिछड़ने के दर्द और यादों के सहारे जीवन जीने की कहानी बयान करती है। इसमें प्रेम की गहरी भावनाओं और विरह की पीड़ा को काव्यात्मक ढंग से उकेरा गया है। यह ग़ज़ल सुनने वाले को एक उदास, रोमांटिक और चिंतनशील अनुभव देती है।

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અમે ધારી નહોતી એવી અણધારી કરી લીધી. અજાણી આંખડીએ ચોટ ગોઝારી કરી લીધી.
हमने जो सोची न थी, वह अनहोनी कर ली।अजनबी नज़रों ने चोट गोज़ारी कर दी।
हमने ऐसी अनपेक्षित चीज़ कर ली जिसकी हमने कल्पना भी नहीं की थी। एक अनजान आँख ने एक गंभीर, दर्दनाक चोट पहुँचाई।
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