सुनाओ दर्द-ए-दिल अपना तो दम-ब-दम फ़रियाद मिसाल-ए-नय मिरी हर एक उस्तुख़्वाँ से सुनो

“Should I recount my heart's deep pain, a ceaseless cry will moan; Hear it sigh like a hollow reed flute from each and every bone.”

— बहादुर शाह ज़फ़र
अर्थ

अगर मैं अपने दिल का दर्द बयान करूँ तो हर पल सिर्फ़ फ़रियाद ही निकलेगी; बाँसुरी की तरह मेरी हर एक हड्डी से यह दर्द भरी आवाज़ सुनो।

विस्तार

शायर यहाँ अपने दिल के उस बेपनाह दर्द को बयां कर रहे हैं, जिसने उनके वजूद को भीतर तक निचोड़ और खोखला कर दिया है। जैसे बाँसुरी (नय) के सुराखों से हवा गुजरने पर एक दर्दीली धुन निकलती है, वैसे ही शायर की हर हड्डी विरह के दुःख में खोखली होकर लगातार आहें भर रही है। यह महज़ उदासी नहीं, बल्कि एक ऐसा गहरा ग़म है जिसने उनके पूरे जिस्म को फ़रियाद का एक साज़ बना दिया है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

सुनाओ दर्द-ए-दिल अपना तो दम-ब-दम फ़रियाद | Sukhan AI