83) Bulleh Shah ik jogi aya
84) Dar saday aynay dhuan paya
“To our door….(… ?… )”
— बुल्ले शाह
अर्थ
बुल्ले शाह इक जोगी आया, दर सदाय आईने धुआँ पाया।
विस्तार
इस प्यारे शेर में, बुल्ले शाह एक संन्यासी के आगमन का वर्णन करते हैं। शायर कहते हैं कि इस योगी को घर के कोने-कोने में सोना या जवाहरात नहीं मिले, बल्कि केवल धुआँ मिला। यह धुआँ अक्सर क्षणभंगुर भ्रम, अस्थायी सुखों या दुनिया के मोह-माया को दर्शाता है। बुल्ले शाह हमें याद दिलाते हैं कि जीवन का सच्चा सार भौतिक चीज़ों में नहीं, बल्कि उन साधारण, अनदेखी सच्चाइयों में छिपा है।
