મારી છાતીથી કદી મેં છોડી નથી;
દીકરી ધાર્યું મેં તુજ વિષે ધ્યાનરે, દીલડાહી...
“From my chest, I never let you stray;My daughter, on you my thoughts did always stay, O wise of heart.”
— दलपतराम
अर्थ
मैंने तुम्हें कभी अपनी छाती से दूर नहीं जाने दिया; मेरी बेटी, मेरे विचार हमेशा तुम पर ही केंद्रित रहे, हे बुद्धिमती।
विस्तार
यह प्यारा दोहा एक माता-पिता के अपनी बेटी के लिए शाश्वत प्रेम को दर्शाता है। यह बताता है कि कैसे बेटी को हमेशा दिल के करीब रखा जाता है, उसे कभी भी वास्तव में दूर नहीं जाने दिया जाता, चाहे वह कितनी भी बड़ी हो जाए। माता-पिता लगातार उसके बारे में सोचते हैं, उसे अपने मन में संजोए रखते हैं। यह एक मीठा आश्वासन है कि चाहे कुछ भी हो, बेटी उनके विचारों में एक प्यारी और समझदार उपस्थिति बनी रहती है, हमेशा उनके स्नेह और देखभाल में लिपटी हुई।
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