મોર બોલે મેહ વરસે મૂસળધારજો;
કચરા ને કાદવ રે મચી આ મેદની,
“The peacock calls, the heavy rains descend,This world is filled with mud and waste without end.”
— दलपतराम
अर्थ
मोर बोलते हैं और मूसलाधार वर्षा होती है। इस कारण यह दुनिया कीचड़ और कचरे से भर जाती है।
विस्तार
यह दोहा मानसून के मौसम का एक जीवंत चित्रण प्रस्तुत करता है। यह मोर के प्रतिष्ठित पुकार से शुरू होता है, जो भारी बारिश के आने का निश्चित संकेत है। और सच में, फिर मूसलाधार बारिश होती है, सब कुछ भिगो देती है। दूसरी पंक्ति इसके बाद के दृष्य का वर्णन करती है: ऐसी मूसलाधार बारिश के साथ, पृथ्वी तुरंत कीचड़ और कचरे से भर जाती है। यह मानसून की तीव्रता को खूबसूरती से दर्शाता है, जहाँ मोर की राजसी पुकार और जोरदार बारिश के कारण जमीन पर कचरा और कीचड़ फैल जाता है।
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