રસિયા સંગ રમ્યાની મહાજમ રાત જો;
હસીએ ને વસીએ રે હૈડે હેતથી,
“A grand and joyous night, reveling with the beloved,Oh, let us laugh and ever dwell in our hearts with love.”
— दलपतराम
अर्थ
यह प्रियतम के साथ आनंदमयी और भव्य रात है। आओ हम हँसें और सदैव प्रेम से अपने हृदय में वास करें।
विस्तार
यह प्यारा दोहा किसी अपने के साथ बिताई गई एक जादुई रात का वर्णन करता है। यह एक ऐसी रात है जो खुशी और चंचलता से भरी है, जहाँ दिल गहराई से जुड़ते हैं। कवि हमें खुलकर हँसने और अपने दिलों को प्यार से भरने के लिए प्रेरित करते हैं। यह उन खास पलों को संजोने की एक कोमल याद दिलाता है, जहाँ प्रेम और खुशी वास्तव में हमारे भीतर और हमारे रिश्तों में निवास करते हैं। यह किसी प्रियजन की उपस्थिति में असीम आनंद और आराम पाने के बारे में है।
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