Sukhan AI
નિરખી મંડપની માંડણી, ઉરથી આશિષ એ ઠામ,
દે છે દલપતરામ, મોતીડે છાયો રે માંડવો.

Observing the pavilion's grand design,From his heart, blessings on that place he'll assign.Dalpatram bestows, oh, the canopy, by pearls adorned, divine.

दलपतराम
अर्थ

मण्डप की सुन्दर सजावट देखकर, जो मोतियों से ढका हुआ है, दलपतराम अपने हृदय से उस स्थान को आशीर्वाद देते हैं।

विस्तार

इस प्यारे दोहे में कवि दलपतराम एक सुंदर दृश्य का वर्णन करते हैं। वह एक शानदार ढंग से सजे हुए मंडप को देख रहे हैं, शायद किसी शादी या उत्सव जैसे खुशी के अवसर के लिए। मोतियों से सजे इस भव्य मंडप को देखकर उनका हृदय अपार खुशी और प्रशंसा से भर जाता है। इसकी भव्यता से वे इतने प्रभावित होते हैं कि वे तुरंत इस सुंदर स्थान को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं। ऐसा लगता है जैसे मोतियों से सजे मंडप की सुंदरता ने उनके भीतर गहरी आत्मीयता और सद्भावना जगाई है, जिससे उन्हें इस विशेष स्थान से जुड़े हर किसी को और हर चीज़ को अपनी दिली शुभकामनाएँ भेजने की प्रेरणा मिली है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.

← Prev16 / 16