સોના રૂપાનાં ઝાડ છે; જાણે સ્વર્ગનો બાગ,
આવી ઉતર્યો ભૂભાગ, મોતીડે છાયો રે માંડવો.
“Trees of gold and silver stand; as if a heavenly garden,Descended upon this land, a canopy shaded with pearls.”
— दलपतराम
अर्थ
सोने और चाँदी के पेड़ हैं; मानो स्वर्ग का बगीचा इस धरती पर उतर आया हो, जहाँ मोतियों से छाया हुआ मंडप है।
विस्तार
यह दोहा एक अत्यंत सुंदर और स्वर्गीय स्थान का अद्भुत वर्णन करता है। कल्पना कीजिए एक ऐसे बगीचे की जहाँ पेड़ सोने और चाँदी के बने हुए हैं - यह इतना भव्य है कि ऐसा लगता है जैसे स्वर्ग ही धरती पर उतर आया हो। इस दिव्य दृश्य को और भी निखारते हुए, एक खूबसूरत मंडप है, जिसकी छाया सिर्फ पत्तियों से नहीं, बल्कि मोतियों की लड़ियों से की गई है। यह एक ऐसे आध्यात्मिक या काल्पनिक लोक की बात करता है जहाँ परम सौंदर्य, ऐश्वर्य और दिव्य उपस्थिति है।
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