रौनक़-ए-हस्ती है इश्क़-ए-ख़ाना वीराँ साज़ से
अंजुमन बे-शमा है गर बर्क़ ख़िर्मन में नहीं
“The glory of life is from love, that desolates the home it makes; An assembly is dark if no lightning through the harvest breaks.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
जीवन की चमक उस इश्क़ से है जो घर को उजाड़ दे। महफ़िल बे-शमा है अगर बिजली ख़िर्मन में नहीं, जिसका अर्थ है कि चमक के लिए ज़रूरी है कि विनाश हो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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