न भूला इज़्तिराब-ए-दम-शुमारी इंतिज़ार अपना
कि आख़िर शीशा-ए-साअ'त के काम आया ग़ुबार अपना
“My anxious count of breaths, my waiting, did not forget itself,For in the end, my very dust served the hourglass's purpose.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा बेचैन इंतज़ार और साँसों का गिनना नहीं भूला, क्योंकि अंततः मेरी अपनी गर्द ही घड़ी के शीशे के काम आई।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
