ईमाँ मुझे रोके है जो खींचे है मुझे कुफ़्र
काबा मिरे पीछे है कलीसा मिरे आगे
“Faith restrains me, while unbelief draws me with might,The Kaaba behind me, the church in my sight.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मुझे ईमान रोके हुए है जबकि कुफ़्र अपनी ओर खींच रहा है। काबा मेरे पीछे है और चर्च (कलीसा) मेरे सामने है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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