चार मौज उठती है तूफ़ान-ए-तरब से हर सू
मौज-ए-गुल मौज-ए-शफ़क़ मौज-ए-सबा मौज-ए-शराब
“Four waves ascend from the storm of delight on every side, Wave of flowers, wave of twilight, wave of breeze, and wave of wine's tide.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
आनंद के तूफ़ान से हर दिशा में चार लहरें उठती हैं: फूलों की लहर, संध्या (शफ़क़) की लहर, हवा (सबा) की लहर और शराब की लहर।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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