शब हुई फिर अंजुम-ए-रख़्शन्दा का मंज़र खुला
इस तकल्लुफ़ से कि गोया बुत-कदे का दर खुला
“Night fell, and then the spectacle of shining stars unveiled,With such ceremony, as if the idol-house's door was opened.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
रात हुई, फिर चमकते सितारों का नज़ारा सामने आया। यह इतनी भव्यता से हुआ, मानो बुतख़ाने का दरवाज़ा खुला हो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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