कम नहीं नाज़िश-ए-हमनामी-ए-चश्म-ए-ख़ूबाँ
तेरा बीमार बुरा क्या है गर अच्छा न हुआ
“No small pride is it to share a name with the beautiful's eyes; What fault in your ailing one, if from his sickness he doesn't rise?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
सुंदरों की आँखों के साथ हमनाम होना कोई कम गर्व की बात नहीं है। इसमें तुम्हारे बीमार का क्या कसूर अगर वह अच्छा न हो सका?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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