जम्अ' करते हो क्यूँ रक़ीबों को
इक तमाशा हुआ गिला न हुआ
“Why do you assemble all the rivals, pray?It turned to a spectacle, no complaint made today.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
तुम अपने प्रतिद्वंद्वियों को क्यों इकट्ठा करते हो? यह एक तमाशा बन गया, कोई शिकायत नहीं हुई।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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