बन गया तेग़-ए-निगाह-ए-यार का संग-ए-फ़साँ
मर्हबा मैं क्या मुबारक है गिराँ-जानी मुझे
“My heavy-burdened soul became the whetstone for the beloved's keen gaze, Bravo! How blessed am I for this slow, enduring, lingering phase!”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरी भारी जान (आत्मा) मेरे महबूब की तलवार-जैसी निगाह के लिए धार लगाने वाला पत्थर बन गई है। वाह! मैं कितना भाग्यशाली हूँ कि मेरी जान इतनी भारी (या सहनशील) है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
