हाँ नशात-ए-आमद-ए-फ़स्ल-ए-बहारी वाह वाह
फिर हुआ है ताज़ा सौदा-ए-ग़ज़ल-ख़्वानी मुझे
“Ah, the joy of spring's arrival, what delight!My passion for ghazal-reciting burns anew, so bright.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हाँ, बसंत ऋतु के आगमन की खुशी, वाह वाह! मुझे ग़ज़ल पाठ का शौक फिर से ताज़ा हो गया है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
