साया मेरा मुझ से मिस्ल-ए-दूद भागे है 'असद'
पास मुझ आतिश-ब-जाँ के किस से ठहरा जाए है
“My shadow, Asad, flees from me like smoke, Who can stay near this soul aflame?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा साया भी मुझसे धुएँ की तरह भागता है, असद। मुझ आग-भरी जान के पास कौन ठहर सकता है?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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