था ज़िंदगी में मर्ग का खटका लगा हुआ
उड़ने से पेश-तर भी मिरा रंग ज़र्द था
“Throughout my life, the dread of death remained;Even before I could fly, my colour was already drained.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
पूरे जीवन भर मृत्यु का भय लगा रहा। उड़ने से पहले ही मेरा रंग पीला पड़ा हुआ था।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
