जान तुम पर निसार करता हूँ
मैं नहीं जानता दुआ क्या है
“My life for you I willingly lay down,What prayer is, to me remains unknown.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं अपनी जान तुम पर न्योछावर करता हूँ। मुझे नहीं पता कि दुआ क्या होती है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
