उन्हें सवाल पे ज़ोम-ए-जुनूँ है क्यूँ लड़िए
हमें जवाब से क़त-ए-नज़र है क्या कहिए
“On their questions, they wear a mad pride, why should one fight? From the answers, we avert our gaze, what more can we cite?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
उन्हें अपने सवालों पर पागलपन का घमंड है, तो उनसे क्यों लड़ा जाए? हमें जवाबों से कोई मतलब नहीं, तो और क्या कहा जाए।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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