गलियों में मेरी ना'श को खींचे फिरो कि मैं
जाँ-दादा-ए-हवा-ए-सर-ए-रहगुज़ार था
“Through the lanes drag my corpse, for I Was devoted to the open road's desire.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरी लाश को गलियों में खींचे फिरो, क्योंकि मैं खुले रास्ते पर रहने की चाहत को समर्पित था।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
