जिस दिल में कि ता-ब-कय समा जाए
वाँ 'इज़्ज़त-ए-तख़्त-ए-कय नहीं है
“In a heart where Kay's own glory can reside,There, Kay's royal throne holds no esteem.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
जिस हृदय में राजा कय की गरिमा समा जाए, वहाँ राजा कय के सिंहासन का कोई आदर नहीं होता।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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