हर गाम आबले से है दिल दर-तह-ए-क़दम
क्या बीम अहल-ए-दर्द को सख़्ती-ए-राह का
“My heart, a blister underneath my foot, with every step I tread, What fear of rugged pathways for those whose souls on pain are fed?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हर कदम पर मेरा दिल मेरे पैर के नीचे एक छाले जैसा है। दर्द के आदी लोगों को रास्ते की कठिनाई का क्या डर?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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