होगा कोई ऐसा भी कि 'ग़ालिब' को न जाने
शाइ'र तो वो अच्छा है प बदनाम बहुत है
“Is there anyone who doesn't know Ghalib's name?A good poet he is, though steeped in infamy.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
क्या कोई ऐसा भी होगा जो 'ग़ालिब' को न जानता हो? वह शायर तो अच्छा है पर बदनाम बहुत है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev9 / 9
