गर शहादत आरज़ू है नश्शे में गुस्ताख़ हो
बाल शीशे का रग-ए-संग-ए-फ़साँ हो जाएगा
“If martyrdom's your yearning, then in your rapture be audacious,The hair-fine crack in glass will be the whetstone's sturdy vein.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अगर शहादत तुम्हारी आरज़ू है, तो अपने जोश में निडर बनो। शीशे का एक बारीक बाल भी धार देने वाले पत्थर की नस बन जाएगा।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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