यक-बख़्त औज नज़्र-ए-सुबुक-बारी-ए-'असद'
सर पर वबाल-ए-साया-ए-बाल-ए-हुमा न माँग
“O Asad, let lofty fortune be a tribute to your lightness of being,Upon your head, seek not the burdensome shadow of the Huma's wing.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
असद, तुम्हारी ऊँची किस्मत तुम्हारी हलकेपन की भेंट हो। अपने सर पर हुमा के पंख के साये का बोझ मत माँगो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
