जल्वा-ए-ख़ुर से फ़ना होती है शबनम 'ग़ालिब'
खो दिया सतवत-ए-अस्मा-ए-जलाली ने मुझे
“Ghalib, by the sun's splendor, the dew passes away;The majesty of glorious names has swept me astray.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ग़ालिब, सूर्य के तेज से ओस ख़त्म हो जाती है। मुझे शक्तिशाली नामों की महिमा ने भुला दिया है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev7 / 7
