अज़-बस-कि सिखाता है ग़म ज़ब्त के अंदाज़े
जो दाग़ नज़र आया इक चश्म-नुमाई है
“Because grief teaches so much the ways of endurance,Each scar that appears is but a mere glimpse of an eye.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
क्योंकि ग़म सहने के बहुत से तरीके सिखाता है, इसलिए जो भी दाग़ दिखाई देता है, वह केवल एक क्षणिक झलक है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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