कहते हो क्या लिखा है तिरी सरनविश्त में
गोया जबीं पे सजदा-ए-बुत का निशाँ नहीं
“You ask what's etched upon your destiny's sheet,As if no mark of idol-worship on your brow you meet.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
तुम पूछते हो कि तुम्हारी तकदीर में क्या लिखा है, मानो तुम्हारे माथे पर बुत-परस्ती के सजदे का कोई निशान ही न हो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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