ख़ंजर से चीर सीना अगर दिल न हो दो-नीम
दिल में छुरी चुभो मिज़ा गर ख़ूँ-चकाँ नहीं
“With a dagger, rip open my chest, if the heart isn't torn in two;Plunge the knife into the heart's essence, if it's not dripping blood through.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अगर दिल दो टुकड़ों में न बंटा हो, तो खंजर से सीना चीर दो। अगर दिल का सार खून न टपका रहा हो, तो उसमें छुरी चुभो दो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
