शौक़-ए-दीदार में गर तू मुझे गर्दन मारे
हो निगह मिस्ल-ए-गुल-ए-शमा परेशाँ मुझ से
“If in your ardent longing to see, you behead me,May my gaze, like a candle's flower, be scattered restlessly.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
प्रेमी कहता है कि यदि तू मुझे अपने दीदार की चाहत में मार भी डाले, तो भी मेरी नज़र, मोमबत्ती की लौ की तरह, मरने के बाद भी तुझसे परेशान होकर तुझे ही ढूँढती रहेगी।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
