बला-ए-जाँ है 'ग़ालिब' उस की हर बात
इबारत क्या इशारत क्या अदा क्या
“Each thing of hers, Ghalib, is a torment to life,What of her words? What of her gestures? What of her grace?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ऐ ग़ालिब, उसकी हर बात जान के लिए मुसीबत है। उसके लफ्ज़ हों, इशारे हों या उसकी अदा, सब कुछ जानलेवा है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev13 / 13
